भारतीय टीम पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए न्यूजीलैंड के दौरे पर थी। सीरीज के शुरुआती दो मैच न्यूजीलैंड की टीम जीत चुकी थी और तीसरा मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जा रहा था। मैच में जहां न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ था तो भारत के इरादे इस मैच को जीतकर सीरीज में वापसी करने के थे। मैच में भारतीय कप्तान एम एस धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। न्यूजीलैंड के दोनों सलामी बल्लेबाज मार्टिर गप्टिल और जेसी राइडर ने टीम को तेज शुरुआत दी। दोनों ही बल्लेबाज टिकते ही नजर आ रहे थे कि राइडर को भुवनेश्वर कुमार ने बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिला दी।

रोमांच अपने चरम सीमा पर था। पहली गेंद में वरुण ऐरोन ने जडेजा को स्ट्राइक दी। दूसरी गेंद पर जडेजा ने छक्का जड़ दिया। तीसरी गेंद पर कीवी खिलाड़ी ने जडेजा का कैच छोड़ दिया। हालांकि इसके बाद इस ओवर में कोई और बाउंड्री नहीं लगी। अब मैच आखिरी ओवर में पहुंच चुका था। आखिरी ओवर में भारत को जीतने के लिए 18 रन चाहिए थे। और गेंदबाज थे कोरी एंडरसन। जडेजा ने पहली ही गेंद पर गेंद को बाउंड्री के बाहर भेज भारतीय समर्थकों के मरझाए चेहरों पर फिर से खुशी ला दी थी। भारत को अब जीतने के लिए पांच गेंदों में 14 रन चाहिए थे। दूसरी गेंद एंडरसन ने वाइड फेंकी। कीवी टीम पर दबाव साफ झलकने लगा था। हालांकि इसकी अगली गेंद पर कोई रन नहीं बना।

अब भारत को जीत के लिए चार गेंदों में 13 रनों की जरूरत थी। तीसरी गेंद पर भी कोई रन नहीं बना और कीवी टीम जीत का जश्न मनाने लगी। चौथी गेंद फिर से एंडरसन ने वाइड फेंकी और टीम के खाते में एक और रन जुड़ गया। अब आखिरी तीम गेंदों में भारत को जीतने के लिए 12 रन चाहिए थे। मैच कहीं भी जा सकता था। चौथी गेंद पर जडेजा ने चौका जड़कर भारत की उम्मीदों को जिंदा रखा। दो गेंदों में अब भारत को जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। पांचवीं गेंद को जडेजा ने मिडविकेट के ऊपर से छह रनों के लिए भेज दिया। जडेजा ने जैसे ही छक्का लगाया वैसे ही पूरा स्टेडियम खुशी से सराबोर हो गया। अब गेंद बची थी एक और रन चाहिए थे दो। कप्तान ब्रेंडन मैकलम ने सभी खिलाड़ियों को 30 गज के भीतर बुला लिया और जडेजा पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगे।

आखिरी गेंद एंडरसन ने जडेजा की तरफ फेंकी, जडेजा ने एक पैर को गेंद की लाइन से अलग कर मिड ऑफ के क्षेत्र में करारा शॉट खेला, लेकिन मिड ऑफ पर खड़े फील्डर ने गोता लगाते हुए गेंद को रोक लिया। लेकिन तब तक दोनों ही बल्लेबाजों ने तेजी से एक रन चुरा लिया था, लेकिन दूसरे रन की कोई गुंजाइश नहीं थी। और इसी के साथ सांस रोक देने वाला मुकाबला टाई हो गया था। हालांकि एक समय मैच गंवाती दिख रही भारतीय टीम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए मैच को टाई करा लिया था। सभी दर्शकों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। भारत ने जडेजा की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत मैच को टाई करा लिया था। जडेजा ने पूरे मैच में 45 गेंदों में नाबाद 66 रन बनाए थे। जडेजा ने अपनी पारी में 5 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के लगाए थे।

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